~♥ कल्प ♥~ की कल्पनाओं की उड़ान...
...जमीं से आसमां तक ... कभी इस जिस्म से रूह तक ...मचलती हुई ...
...वक़्त की हर दहलीज पर ... कभी उस चौखट पर ... जहाँ मेरी खुशियाँ रहती हैं...
Tuesday, 24 December 2013
भाग दौड़ भरी ज़िन्दगी में अब , सुकूंन खो गया है कहीं , सब कुछ है पास में , फिर भी , बहुत कुछ खो गया है कहीं , हालात कुछ ऐसे हुए हैं , ज़िन्दगी के अब , कि साँसे तो हैं , जिस्म भी जाग रहा है अभी , लेकिन ये " रूह " है ~ ♥ कल्प ♥ ~ कि खो गयी है कहीं !! ~ ♥ कल्प ♥ ~
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